ठान लो शायरी, हिन्दी मोटिवेशनल शायरी
ठान ही ली है तुमने,तो अब करके दिखाओ।जो निकल पड़े हो राह पर,तो अब चलकर दिखाओ।
जब तक मन मे ना ठानो,तब तक सपने अधूरे मानो ।
मंजिलों की तलाश मे उत्साह से निकल पढे ,रास्ते ढूंढकर हम सब चल पड़े ।मिलेगी हमे हमारी मंजिले मन मे ठान हम चलेमुस्कराते हुए जुनून के साथ घर से निकल पड़े ।।
तुम जो चाहो वो पा सकते हो,ठान लो कुछ कर दिखाने का तो,अपनी किस्मत के,बंद दरवाजे भी खोल सकते हो ।।
ले लीजिए जीतने भी लेना चाहे हमारे इम्तिहान,ठान लिया हैं हमने जीत कर ही जाएंगे ये जहां ।।
मर्द वनो, अपने इरादों से तक़दीर को वश में करो।मर्द वनो, खुद की समझदारी से कुछ करने की ठान लो।
दो चार सितारे क्या देख लिए,उन्होंने चाँद बनने की ज़िद ठान ली।
इंसान ठान ले तो क्या नही कर सकता,बस तरीक़े सही होने चाहिए
जाना हैठान लो कुछ कर जाना हैमज़बूत इरादा रखना हैचलते जाओ न थमना हैमाना मंज़िल तक पहुंचना असां नही हैतू हिम्मत रख अविरल चलना हैरुकना नही धारा बनना हैठहरना तो मंज़िल का अंत हैमाना रास्ते बहुत टेढ़े मेढ़े हैचलकर देखो बहुत सुनहरे हैअपने सपनों को पूरे करने हैतू चल अविरल अनंत क्षितिज अब तेरा है !!!
किसी ने तोडा शायद इस लिए कीपुरी तरह बिखर जाओ,लेकीन जिसने तोडा है उसे ये जरुर बताओ कीजो तुटकर बिखर सकता है वोअगर मन मे ठान ले तो बोहोत निखर भी सकता है
हिन्दी मोटिवेशनल शायरी
जब ठान ही लिया है ऊंची मुकाम का,तो फिर क्यों सोचे राहें अंजाम का ।।
दिल क्या है? तेरे लिए मैं अपने प्राण दूंपा लूंगा तेरी मोहब्बत, मैं अगर ठान लूं
अबकी ठंड बढ़ेगी तोयाद हम फिर आएँगेपर ठान लिया है अबउनके कंबल नहीं बनेंगे
हार तब होती है जब मान लिया जाता हैजीत तब होती है जब ठान लिया जाता है
ठान लिया था कि अबऔर नहीं लिखेंगेपर उसे देखा और अल्फ़ाज़बगावत कर बैठे
हमने तो बहुत कोशिश की उसे मनाने कीलेकिन बाद में समझ आयाकि उसने ठान ली थी जाने की
छोड़ हड़बड़ाहट सब्र से काम लो,ऊँगली ज़रा उम्मीद की थाम लो,होगा वही जो उस रब की मर्ज़ी हैं,कर्म करो अपना दिल से जो भी ठान लो..
ठान लो जो भी तुम्हें जिंदगी में पाना होमंज़िल की तरफ बस कदम बढ़ाना हो ।तुम समय को अपने अगर साध लोइससे हर मंजिल तुम्हारी आसान हो ।
मोटिवेशनल कोट्स हिन्दी
तुम्हे पाने की ठान चुका हूं औरएक तुम हो कि मुझसे दूर भागी जा रही होपगली कही कीजानती भी हे के मै पक्का जिद्दी हूँ, फीर भी
मिलेगी मंजिल एक न एक दिन है मुझे यकीनठान लो अगर कुछ भी नहीं इस जहां में ना मुमकिन ।।
अपना कहकर तूने हाथ थाम लिया,तुझे अपना बनाना ये मैंने भी ठान लिया,जब भी गुजरा हूं तेरे मोहल्ले से,बस्ती वालों ने तेरे साथ मेरा नाम लिया।
जो सोचा है वो बनना है औरअपने लक्ष्य तक कर्तव्यनिष्ठाऔर ईमानदारी से पहुंचना है
कैसे जीना है तुम्हे यह ठान लोकी कितना दूर जाना हैदो ग़ज़ ज़मी की है जल्दी तुमकोया पूरे आसमान पे छाना है
जो ठान ही लिया हैतो टूटना और बिखरना क्योंहौसलों में दम भरना है इतना किजब बाहें फैलाये हिमालय तो फिसलना क्यों
अगर ठानलो तुमना होना कभी लोगों की बातों में गुम,लक्ष्य को रखना हमेशा अपने साथ तुम,हार जाने पर भी न होना गुमसुम,फिर उठ खडे होना लगाकर पुरा दम,जीत सकते हो तुम अगर ठानलो तुम।
ठान लो शायरी
ठान लो जो मन में,तो क्या कुछ हो नहीं सकता।इस दुनिया में दूजा कोई,तुझसा हो नहीं सकता।।बस शिद्द्त से,तू अपना कर्म किये जा,मेहनत का फ़ल यूँ,जाया हो नहीं सकता।।
सोच रखी है उसने नजरअंदाज करनी की।ठान रखी है हमने मुहब्बत करने की।
माना कि जायज़ तो नहीं हैं तुमसे बेपनाह इश्क़ करनापर तुम इतने प्यारे लगे कि ठान लिया ये रिस्क उठाना
जितने का राज एकही हैआओ इसको जान लो,हम किसीसे कम नहीइसको तुम ठान लो,
किसी के पैरों मे गिरकर कामयाबी पाने से बेहतर हैं ,अपने पैरों पर चलकर कुछ बनने की ठान लो ।
मान लो तो हार है..ठान लो तो जीत है..
मन में जो ठान लेना कर डालना,जो हो सके कर डालना,आज, अभी, इसी वक्त,कर डालना! कर डालना!
मोटिवेशनल शायरी
कुछ लोग बोलते है कि,जिन्दगी में सब कुछ नहीं मिलता परअगर आप किसी चीज को ठान लो तोक्या नहीं मिलता है।
खड़ा उतरने कीबस ठान लोबड़ी उम्दा हैंतुम्हारी उम्मीद !!
जीतना और हारनाख़ुद पर निर्भर करता हैमान लो तो हार होगी औरठान लो तो जीत होगी
ठान लिया मैने ठान लिया,चुभता हूँ जिनको मैं,वो कायम रहे सदा,अब वो कर दिखाना है।
मत भाग,भाग कर कहाँ जायेगा तू,जीवन है एक संग्राम लड़ ले या मर ले।हार मत ठान कोई नई राग।
हर अंधेरे को अपने जीवन से मिटाने,वाले प्रकाश को हासिल करने का ठान लो,जीवन में प्रकाश अपने आप हो जायेगा।।
ठान लिया है जो है करना,अब बस वक्त का है इंतजार,जो अभी नहीं बरसा ।।बरसे तो बादल भी गरज जाएठहरे तो आंधियां भी थम जाएऐसा कुछ है जो करनादुनिया खुशी के भी आंसू रो जाएजब वह है बरसा ।।

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